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HBCT India की नियमावली

भाग 1: आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना

1. सदस्यता एवं योग्यता: HBCT India की स्थापना समाज के हर वर्ग तक तीव्र आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक राहत पहुँचाने के उद्देश्य से की गई है।

  • सभी सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी, शिक्षक, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी, अधिकारी, वकील, डॉक्टर, किसान, मजदूर, व्यवसायी, छात्र-छात्राएं एवं गृहिणियां इसकी सदस्यता ले सकते हैं।
  • सदस्यता हेतु उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना या यहाँ कार्यरत होना अनिवार्य है।
  • उम्र सीमा: सदस्यता प्राप्त करने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष है। एक बार सदस्य बनने के बाद 65 वर्ष की आयु तक सदस्यता बनाए रखी जा सकती है। 65 वर्ष पूरे होते ही सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • सदस्यता https://www.google.com/search?q=hbctindia.com वेबसाइट के माध्यम से ली जा सकती है। सभी सदस्यों को प्रतिवर्ष ₹50 “Hope Bridge Charitable Trust” को दान देना अनिवार्य है।

2. वार्षिक दान और ग्रेस पीरियड (Grace Period): HBCT India की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए 1 वर्ष पूरा होने के बाद, अगले 45 दिनों के भीतर वार्षिक दान (₹50) जमा करके अपनी प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना अनिवार्य है। 45 दिन की निर्धारित सीमा में दान न देने पर सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी।

3. सूचनाओं का आदान-प्रदान: सभी अपडेट्स के लिए आधिकारिक WhatsApp/Telegram ग्रुप से जुड़ना अनिवार्य है। सूचना के अभाव में हुए किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी सदस्य की स्वयं होगी।

4. निधन पर आर्थिक सहयोग की प्रक्रिया: यदि HBCT India के किसी वैधानिक सदस्य का दुखद निधन हो जाता है, तो संस्थापक मंडल के आह्वान पर शेष सभी सदस्य निर्धारित न्यूनतम धनराशि (वर्तमान में ₹50 प्रति सदस्य) सीधे दिवंगत के नॉमिनी के बैंक खाते में भेजेंगे। वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना अनिवार्य है।

5. लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period) और 90% का नियम:

  • नये सदस्यों के लिए लॉक-इन पीरियड 10 माह निर्धारित है। इस दौरान आने वाले सभी सहयोग करना अनिवार्य है। (यानी 10 माह से पूर्व मृत्यु होने पर नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा)।
  • लॉक-इन पीरियड के बाद, कुल आवाह्नों (Appeals) में से कम से कम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है।

6. हेल्पलाइन एवं रिफंड व्यवस्था:

  • सदस्यों की सुविधा हेतु आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर (यहाँ अपना नंबर डालें) जारी किया गया है।
  • यदि कोई सदस्य गलती से नॉमिनी को अधिक राशि भेज देता है, तो साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी वह राशि वापस करेगा। टीम इसके लिए पूर्ण प्रयास करेगी, हालांकि कानूनी गारंटी नहीं लेगी।

7. अवैधानिक होने पर पुनः बहाली: यदि कोई सदस्य 90% सहयोग के दायरे से बाहर हो जाता है, तो वह लगातार 6 माह तक सहयोग करके और 6 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।

8. अपवाद (इन स्थितियों में सहयोग नहीं):

  • सदस्य द्वारा आत्महत्या (Suicide) की स्थिति में।
  • यदि नॉमिनी ने ही सदस्य की हत्या की हो (ऐसी स्थिति में टीम स्वविवेक से दूसरे नॉमिनी का चयन कर सकती है)।

9. कानूनी अधिकार: HBCT India सीधे नॉमिनी के खाते में सहयोग कराती है, अतः यह एक नैतिक सहयोग है। इसके लिए किसी भी प्रकार का न्यायिक या कानूनी दावा नहीं किया जा सकता।

10. अनुशासनहीनता: ट्रस्ट के खिलाफ दुष्प्रचार, अफवाह फैलाने या पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने पर सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी।

11. ट्रस्ट फंड (वार्षिक दान) का उपयोग: ₹50 के वार्षिक दान का उपयोग निम्न कार्यों में होगा:
A. वेबसाइट/ऐप निर्माण एवं संचालन।
B. कार्यालय खर्च एवं स्टाफ मानदेय।
C. स्थलीय सत्यापन (Verification) एवं प्रचार-प्रसार।
D. तकनीकी अपग्रेडेशन।
E. भारत के जरूरतमंदों/छात्रों के हित में विभिन्न सहयोग।


भाग 2: बेटी विवाह योजना की नियमावली

1. लॉक-इन पीरियड: बेटी विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए सदस्य का लॉक-इन पीरियड 2 वर्ष पूरा होना अनिवार्य है।

2. 90% सहयोग की अनिवार्यता: सदस्य को सदस्यता तिथि से बेटी के विवाह तक इस योजना में 90% अवसरों पर अनिवार्य रूप से सहयोग करना होगा। साथ ही, सदस्य का “आकस्मिक निधन योजना” में भी वैधानिक (Eligible) होना जरूरी है।

3. लाभ प्राप्ति के बाद का नियम: लाभार्थी सदस्य को अपनी बेटी के विवाह में लाभ मिलने के बाद आगामी 5 वर्षों तक इस योजना में 90% सहयोग करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर वह भविष्य में ट्रस्ट की सभी योजनाओं से अपात्र हो जाएगा।

4. पात्रता सीमा:

  • इस योजना के तहत अधिकतम 2 जैविक पुत्रियों (या भाई के मामले में 2 बहनों) के विवाह के लिए ही सहयोग मिलेगा।
  • स्वयं के विवाह पर यह योजना लागू नहीं है (अनाथ बेटी के मामले को छोड़कर)।
  • यदि पति-पत्नी दोनों सदस्य हैं, तो कोई एक ही इस योजना में आवेदन कर सकेगा।

5. बेटी का सदस्य होना अनिवार्य (आयु नियम):

  • बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से, जिस बेटी का विवाह होना है उसका भी HBCT India का सदस्य होना अनिवार्य है।
  • यदि बेटी की आयु 18 वर्ष से कम है, तो 18 वर्ष पूरा होते ही उसे सदस्य बनना होगा। इसके लिए 6 माह का ग्रेस पीरियड दिया जाएगा। बेटी को भी दोनों योजनाओं में अपना 90% सहयोग बनाए रखना होगा।

6. सहयोग राशि एवं कानूनी स्थिति:

  • इस योजना में प्रति सदस्य अधिकतम ₹11 तक का सहयोग निर्धारित है (परिस्थिति अनुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है)।
  • यह सहयोग भी पूर्णतः नैतिक है, इसके लिए कोई कानूनी चुनौती नहीं दी जा सकती।

7. आवेदन की समय सीमा: आर्थिक सहयोग एवं स्थलीय सत्यापन हेतु विवाह तिथि से कम से कम 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है।

8. विशेष परिस्थितियां (अनाथ या बुजुर्ग माता-पिता):

  • माता-पिता दोनों जीवित न होने पर: 18 वर्ष से अधिक उम्र का जैविक भाई स्वयं सदस्य बनकर (2 वर्ष का लॉक-इन पूरा करके) अपनी बहन के लिए आवेदन कर सकता है।
  • माता-पिता ओवर-एज (60+) होने पर: इस स्थिति में भी जैविक भाई सदस्य बनकर अपनी बहन की शादी के लिए आवेदन कर सकता है।
  • माता/पिता की मृत्यु होने पर: यदि पिता (सदस्य) की मृत्यु बेटी की शादी से पहले हो जाती है, तो माता उसकी जगह सदस्य बन सकती है और पिता का लॉक-इन पीरियड माता के लिए मान्य होगा (और इसके विपरीत भी)।

(भविष्य में छात्रों की उच्च शिक्षा एवं गंभीर बीमारी/दुर्घटना के लिए भी योजनाएं लाई जाएंगी।)

नोट: किसी भी विवाद की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली ही मान्य होगी। इसमें दिया गया वार्षिक दान पूरी तरह से स्वैक्षिक है.